


गाड़ी खरीदी-बिक्री के नाम पर 1.30 लाख की ठगी, फरार आरोपी दुर्ग से गिरफ्तार
जांजगीर-चांपा, 28 फरवरी 2026। गाड़ी खरीदी-बिक्री के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले लंबे समय से फरार आरोपी को कोतवाली पुलिस और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने कार बेचने के नाम पर अलग-अलग किस्तों में कुल 1,30,000 रुपये की ठगी की थी।
पुलिस के अनुसार आरोपी वसीम खान (43 वर्ष), पिता मोहम्मद कासिम खान, निवासी रूमी बाबा मजार के सामने, केलाबाड़ी वार्ड क्रमांक 41, दुर्ग जिला दुर्ग को दुर्ग से पकड़ा गया है।
मामला क्या है?
मार्च 2023 में प्रार्थी सुखी राम साहू, निवासी केरा रोड भाठापारा ने थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि ट्रांसपोर्टिंग कार्य के लिए उन्हें एक सेकंड हैंड चार पहिया वाहन की आवश्यकता थी। मोबाइल नंबर के माध्यम से संपर्क करने पर सामने वाले व्यक्ति ने अपना नाम वसीम खान बताते हुए खुद को दुर्ग निवासी बताया।
आरोपी ने मारुति सुजुकी स्विफ्ट डिजायर (2022 मॉडल) क्रमांक CG 12 BG 3469 की फोटो भेजकर कीमत 5,20,000 रुपये बताई और बयाना राशि मांगी। प्रार्थी ने आरोपी के खाते में अलग-अलग किस्तों में कुल 1,30,000 रुपये ऑनलाइन जमा कर दिए। रकम मिलने के बाद आरोपी ने फोन उठाना बंद कर दिया और वाहन भी उपलब्ध नहीं कराया।
शिकायत के आधार पर थाना जांजगीर में धारा 420 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई थी।
साइबर तकनीक से मिला सुराग
विवेचना के दौरान आरोपी की तलाश में पूर्व में दुर्ग में दबिश दी गई थी, लेकिन वह लगातार फरार चल रहा था। साइबर तकनीक की मदद से आरोपी के दुर्ग में होने की सूचना मिली। इसकी जानकारी पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप एवं सीएसपी जांजगीर योगिता बाली खापर्डे को दी गई।
अधिकारियों के निर्देश पर थाना जांजगीर एवं साइबर थाना की संयुक्त टीम गठित कर तत्काल दुर्ग रवाना किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दुर्ग से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने कार बिक्री के नाम पर 1,30,000 रुपये ऑनलाइन लेकर धोखाधड़ी करना स्वीकार किया। पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
इनकी रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में निरीक्षक जयप्रकाश गुप्ता (थाना प्रभारी सिटी कोतवाली), सहायक उप निरीक्षक मुकेश पांडेय, सहायक उप निरीक्षक अरुण कुमार सिंह तथा साइबर थाना के आरक्षक रोहित कहरा और शाहबाज खान का विशेष योगदान रहा।




