







सक्षम जिला इकाई ने मनाई अष्टावक्र जयंती एवं विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस
राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका सुनीता यादव रहीं मुख्य अतिथि, छात्रावास की छात्राओं को वितरित की गई स्पोर्ट्स ड्रेस
सरिया। सक्षम जिला इकाई सारंगढ़ के तत्वावधान में स्थानीय छात्रावास में अष्टावक्र जयंती एवं विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका सुनीता यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। वहीं, कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित प्रधान पाठिका एवं सक्षम जिला संयोजक सरिता सिदार ने की। छात्रावास अधीक्षिका आयलिन मिंज थामस विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर छात्रावास की छात्राओं को अधीक्षिका आयलिन मिंज थामस द्वारा अपने व्यय से स्पोर्ट्स ड्रेस भी वितरित की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात संस्था के सदस्यों ने अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया। कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, विद्यार्थियों के समग्र विकास तथा महर्षि अष्टावक्र के जीवन और ज्ञान से मिलने वाली प्रेरणा पर विस्तार से चर्चा की गई।
मानसिक स्वास्थ्य बेहतर भविष्य की नींव : सुनीता यादव
मुख्य अतिथि राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका सुनीता यादव ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर अपने विचार रखते हुए कहा कि बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य उनके जीवन, लक्ष्य निर्धारण और बेहतर भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। वर्तमान समय में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया, पारिवारिक एवं सामाजिक तनाव तथा पढ़ाई में बढ़ती प्रतिस्पर्धा का बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि एक शिक्षक के रूप में सभी की जिम्मेदारी है कि विद्यार्थियों को तनावमुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जाए और उन्हें अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए प्रोत्साहित किया जाए। बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ पारिवारिक एवं सामाजिक परिस्थितियों को समझने और उनका सकारात्मक तरीके से सामना करने के लिए भी तैयार करना आवश्यक है।
सुनीता यादव ने छात्राओं को सोशल मीडिया की लत से दूर रहने, आसपास के वातावरण के दबाव से प्रभावित हुए बिना पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने तथा परीक्षा के दौरान शांत मन से तैयारी करने के सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास, नियमित अध्ययन और सकारात्मक सोच के माध्यम से विद्यार्थी बेहतर परिणाम हासिल कर सकते हैं।
महर्षि अष्टावक्र के जीवन से मिलती है ज्ञान और संकल्प की प्रेरणा
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं सक्षम जिला संयोजक एवं राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित सरिता सिदार ने अष्टावक्र जयंती के अवसर पर महर्षि अष्टावक्र के जीवन, ज्ञान और व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महर्षि अष्टावक्र का जीवन इस बात का प्रेरक उदाहरण है कि शारीरिक परिस्थितियां किसी व्यक्ति के ज्ञान, प्रतिभा और महान उपलब्धियों के मार्ग में बाधा नहीं बन सकतीं।
उन्होंने बताया कि महर्षि अष्टावक्र का शरीर आठ स्थानों से वक्र था, लेकिन उनका ज्ञान और बुद्धिमत्ता अद्वितीय थी। उनके जीवन से हमें ज्ञान अर्जित करने, आत्मविश्वास बनाए रखने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने छात्राओं से महर्षि अष्टावक्र के जीवन से प्रेरणा लेकर शिक्षा और संस्कार के क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
अधीक्षिका ने अपने खर्च से छात्राओं को वितरित की स्पोर्ट्स ड्रेस
कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि एवं छात्रावास अधीक्षिका आयलिन मिंज थामस ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह संस्था के लिए गौरव का विषय है कि अपने उत्कृष्ट कार्यों से जिले और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करने वाली राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका सुनीता यादव तथा राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित सरिता सिदार छात्राओं के बीच उपस्थित हुईं। उनके अनुभवों और विचारों से छात्राओं को सीखने तथा जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली।
इस अवसर पर अधीक्षिका आयलिन मिंज थामस ने छात्रावास की सभी छात्राओं को अपने खर्च से स्पोर्ट्स ड्रेस वितरित की। इस पहल को छात्राओं के उत्साहवर्धन और खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया।
अतिथियों का किया गया सम्मान
कार्यक्रम का संचालन सक्षम की बरमकेला ब्लॉक संयोजक डालिमा सिदार ने किया। इस दौरान राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका सुनीता यादव एवं राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित सरिता सिदार को शाल, श्रीफल और पुष्पगुच्छ भेंटकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में सक्षम जिला संयोजक सरिता सिदार, डालिमा सिदार, अनिता उरांव, जयमंती भगत, संतोषी पैकरा, वीणा पटेल, आयलिन मिंज थामस, प्रशंसा सिंह सहित संस्था के सदस्य, शिक्षक एवं अन्य लोग उपस्थित रहे। आयोजन के माध्यम से छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने, महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने और शिक्षा के साथ खेल गतिविधियों में आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।




