साजपाली में मनरेगा कार्य पर बवाल, सवाल पूछने पहुंचे पत्रकारों पर भड़के सरपंच, तीखी नोकझोंक का वीडियो वायरल





साजपाली में मनरेगा कार्य पर बवाल, सवाल पूछने पहुंचे पत्रकारों पर भड़के सरपंच, तीखी नोकझोंक का वीडियो वायरल
“जो छापना है छापो…” कहकर पत्रकारों से उलझे सरपंच
रात में जेसीबी से मनरेगा कार्य कराने के आरोप, जांच के लिए पहुंची टीम के सामने हुआ हंगामा
जांजगीर-चांपा। जनपद पंचायत अकलतरा अंतर्गत ग्राम पंचायत साजपाली में मनरेगा कार्य को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। गांव में चल रहे मनरेगा कार्य में अनियमितता और रात के समय जेसीबी मशीनों से मिट्टी परिवहन कराने के आरोपों के बीच अब पत्रकारों के साथ अभद्र व्यवहार और तीखी बहस का मामला भी जुड़ गया है। पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है।
जानकारी के मुताबिक ग्राम साजपाली के एक युवक ने जनपद पंचायत कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि गांव में मनरेगा कार्य नियमों को ताक पर रखकर रात के अंधेरे में तीन जेसीबी मशीनों से कराया गया। शिकायतकर्ता ने वीडियो साक्ष्य होने का दावा भी किया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए 19 मई को जनपद पंचायत द्वारा एसडीओ को जांच के लिए गांव भेजा गया। जांच टीम जब मौके पर पहुंची तो मीडिया कर्मी भी कवरेज के लिए वहां मौजूद थे। इसी दौरान जब पत्रकारों ने सरपंच से मनरेगा कार्य और जेसीबी उपयोग को लेकर सवाल पूछे, तो सरपंच भड़क उठे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सरपंच ने पत्रकारों के सवालों पर नाराजगी जताते हुए तीखे लहजे में जवाब दिया और कथित तौर पर कहा, “जो छापना है छापो… हम किसी को जवाब देने वाले नहीं हैं।” मौके पर काफी देर तक बहस और नोकझोंक का माहौल बना रहा। वायरल वीडियो में भी पंचायत प्रतिनिधियों और पत्रकारों के बीच तीखी बहस साफ देखी जा रही है।
वहीं शिकायतकर्ता ने जांच टीम के सामने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम की रोजगार सहायक कई दिनों से कार्य स्थल का निरीक्षण करने नहीं पहुंच रही है। इस आरोप के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों में भी चर्चा शुरू हो गई।
जांच टीम ने मौके का प्रारंभिक निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जाएगी और मनरेगा कार्य में लगे हितग्राहियों से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई तय होगी।
फिलहाल साजपाली का यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया में वायरल वीडियो के बाद पंचायत व्यवस्था और मनरेगा कार्यों की पारदर्शिता पर भी सवाल उठने लगे हैं।