उरला फैक्ट्री ब्लास्ट में जान गंवाने वाले अरुण पांडे का गुरुवार को चांपा में होगा अंतिम संस्कार, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

उरला फैक्ट्री ब्लास्ट में जान गंवाने वाले अरुण पांडे का गुरुवार को चांपा में होगा अंतिम संस्कार, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
जांजगीर-चांपा। रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र स्थित बेंद्री की थ्रीडी इनोवेशन फैक्ट्री में हुए भीषण ब्लास्ट में जान गंवाने वाले 17 वर्षीय अरुण पांडे का अंतिम संस्कार गुरुवार को चांपा के मुक्तिधाम में किया जाएगा। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। अरुण मूल रूप से चांपा के चरण नगर, कोटाडबरी का निवासी था।
जानकारी के अनुसार, अरुण की माता और उसके दो छोटे भाई चांपा में रहते हैं, जबकि उसके पिता ब्रजेश पांडे के साथ अरुण और उसका बड़ा भाई रायपुर में रह रहे थे। परिवार की आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए अरुण भी काम कर रहा था। मंगलवार को फैक्ट्री में हुए विस्फोट के दौरान वह भट्ठी के पास ऑक्सीजन सिलेंडर बदलने का काम कर रहा था। हादसे में अरुण समेत तीन श्रमिकों की मौत हो गई। आधार कार्ड के अनुसार अरुण की उम्र 17 वर्ष थी।
सरकारी औपचारिकताओं के चलते बुधवार पूरा दिन बीत गया। पोस्टमार्टम और अन्य प्रक्रिया पूरी होने के बाद गुरुवार को अरुण का पार्थिव शरीर चांपा लाया जाएगा, जहां मुक्तिधाम में उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
सबसे अधिक दुखद स्थिति अरुण की मां की है, जो हृदय रोग से पीड़ित हैं। बेटे की मौत की खबर सुनने के बाद से उनका रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के अनुसार वे कई बार बेहोश हो चुकी हैं। घर में मातम पसरा हुआ है और पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है। लोगों का लगातार परिवार के घर पहुंचकर सांत्वना देने का सिलसिला जारी है।
वार्ड पार्षद रामरतन साहू ने बताया कि अरुण पांडे बेहद होनहार, शांत स्वभाव और मिलनसार युवक था। करीब डेढ़ वर्ष पहले वह अपने पिता और बड़े भाई के साथ रायपुर रहने चला गया था। छुट्टियों के दौरान वह अक्सर चांपा स्थित अपने घर आता था। किसी ने भी नहीं सोचा था कि इतनी कम उम्र में इस तरह का दर्दनाक हादसा पूरे परिवार की खुशियां छीन लेगा।
अरुण की असमय मौत ने न केवल उसके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोगों ने घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।






