
विश्वेश्वरैया की प्रतिमा हटाने पर भड़के निखिल तिवारी, बोले– बात नहीं बनी तो नगरवासियों के साथ करेंगे आंदोलन
प्रतिमा की पुनर्स्थापना को लेकर उठाई आवाज, जरूरत पड़ी तो अर्धनग्न प्रदर्शन की भी दी चेतावनी
चांपा। नगर में इंजीनियरिंग जगत के महान व्यक्तित्व भारत रत्न सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की प्रतिमा हटाए जाने का मामला अब तूल पकड़ता नजर आ रहा है। प्रतिमा हटाए जाने से नाराज चांपा के कांग्रेस नेता निखिल तिवारी ने इस मुद्दे को लेकर आवाज बुलंद करने की जिम्मेदारी उठाई है। उन्होंने शासन-प्रशासन के इस कदम पर नाराजगी जताते हुए प्रतिमा को सम्मानपूर्वक पुनर्स्थापित करने की मांग उठाई है।
निखिल तिवारी लंबे समय से कांग्रेस की विचारधारा से जुड़े रहे हैं और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाते आए हैं। वे प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. चरणदास महंत के करीबी माने जाते हैं। अब विश्वेश्वरैया जी की प्रतिमा हटाए जाने के मुद्दे को लेकर उन्होंने नगरवासियों की आवाज बनने का संकल्प जताया है।
निखिल तिवारी का कहना है कि आखिर शासन की लापरवाही या प्रशासनिक निर्णय का खामियाजा नगर के नागरिक क्यों भुगतें? महापुरुषों की प्रतिमाएं केवल पत्थर या धातु की संरचनाएं नहीं होतीं, बल्कि वे समाज की प्रेरणा, सम्मान और गौरव का प्रतीक होती हैं। ऐसे में प्रतिमा हटाए जाने के बाद उसके सम्मान और पुनर्स्थापना को लेकर जिम्मेदारों को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि बातचीत और ज्ञापन के माध्यम से समस्या का समाधान नहीं हुआ तो नगरवासियों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा। इसके बावजूद मांग पूरी नहीं हुई तो वे अर्धनग्न प्रदर्शन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
देशभर में चल रहे जनआंदोलनों से प्रेरित होकर निखिल तिवारी ने इस स्थानीय मुद्दे को जनहित का विषय बनाते हुए व्यापक स्तर पर आवाज उठाने की बात कही है। अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन इस मांग पर क्या रुख अपनाता है और विश्वेश्वरैया जी की प्रतिमा को लेकर नगरवासियों की नाराजगी का समाधान कब तक हो पाता है।




